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 भारत के लिए ऑक्‍सीजन परियोजना

 

Oxygen Project for India

ख़ास ख़बर

  •  ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने देश की सेवा में ३०००० मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति का कीर्तिमान बनाया
  • ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने देश के दक्षिणी राज्यों को १५००० एमटी से अधिक एलएमओ की डिलीवरी की
  • ४२१ ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने पूरे देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति पूरी की
  • ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने १७३४ टैंकरों से १५ राज्यों को ऑक्सीजन सहायता पहुँचाई
  • ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु को क्रमशः ३६००, ३७०० और ४९०० एमटी से अधिक एलएमओ की आपूर्ति की गई
  • महाराष्ट्र में ६१४ एमटी ऑक्सीजन, उत्तर प्रदेश में लगभग ३७९७ एमटी, मध्य प्रदेश में ६५६ एमटी, दिल्ली में ५७२२ एमटी, हरियाणा में २३५४ एमटी, राजस्थान में ९८ एमटी, कर्नाटक में ३७८२ एमटी, उत्तराखंड में ३२० एमटी, तमिलनाडु में ४९४१ एमटी, आंध्र प्रदेश में ३६६४ एमटी, पंजाब में २२५ एमटी, केरल में ५१३ एमटी तेलंगाना में २९७२ एमटी, झारखंड में ३८ एमटी और असम में ४८० एमटी ऑक्सीजन पहुँचाई गई

ख़बर विस्तार

      कोविड-१९ की दूसरी लहर के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में चिकित्‍सा ऑक्सीजन की मांग में उल्‍लेखनीय वृद्धि देखी गई। चिकित्‍सा ऑक्‍सीजन की वर्तमान मांग को पूरा करते हुए भविष्य में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसका उत्‍पादन काफ़ी महत्त्वपूर्ण हो गया है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय की परियोजना 'प्रोजेक्ट O2 फॉर इंडिया' यानी भारत में ऑक्‍सीजन परियोजना चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग में हुई इस वृद्धि को पूरा करने के लिए देश की क्षमता को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हितधारकों को समर्थ बनाती है।

      'प्रोजेक्ट O2 फॉर इंडिया' के तहत ऑक्सीजन का एक राष्ट्रीय कंसोर्टियम जिओलाइट्स जैसे महत्त्वपूर्ण कच्चे माल की राष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति, छोटे ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना, कंप्रेसर का विनिर्माण, अंतिम उत्पाद यानी ऑक्सीजन संयंत्र, कन्‍सेंट्रेटर एवं वेंटिलेटर आदि को सुनिश्चित करता है। यह कंसोर्टियम न केवल तात्‍कालिक अथवा अल्पकालिक राहत प्रदान करने के लिए तत्पर है, बल्कि यह दीर्घकालिक तैयारियों के लिहाज से विनिर्माण परिवेश को मज़बूत करने के लिए भी काम कर रहा है।

       विशेषज्ञों की एक समिति भारतीय विनिर्माताओं, स्टार्ट-अप और एमएसएमई (फिक्की, एमईएसए आदि के साथ साझेदारी में) के पूल से महत्त्वपूर्ण उपकरण जैसे ऑक्सीजन संयंत्र, कन्‍सेंट्रेटर और वेंटिलेटर का मूल्यांकन कर रही है। विनिर्माण एवं आपूर्ति कंसोर्टियम में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) , टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (टीसीई) , सी-कैंप बेंगलूरु, आईआईटी कानपुर (आईआईटी-के) , आईआईटी दिल्ली (आईआईटी-डी) , आईआईटी बंबई (आईआईटी-बी) , आईआईटी हैदराबाद (आईआईटी-एच) , आईआईएसईआर भोपाल, वेंचर सेंटर पुणे और ४० से अधिक एमएसएमई शामिल हैं।

      इस कंसोर्टियम ने यूएसएआईडी, एडवर्ड्स लाइफ साइंसेज फाउंडेशन, क्लाइमेट वर्क्स फाउंडेशन आदि संगठनों से सीएसआर / परोपकारी अनुदान प्राप्त करना शुरू कर दिया है। होप फाउंडेशन, अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन, वॉलमार्ट, हिताची, बीएनपी परिबास और ईइन्फो चिप्स अपने सीएसआर प्रयासों के तहत कंसोर्टियम की मदद के लिए ऑक्सीजन कन्‍सेंट्रेटर और वीपीएसए / पीएसए संयंत्र खरीद रहे हैं। एनएमडीसी लिमिटेड ने इस कंसोर्टियम में निर्माताओं के लिए जिओलाइट जैसे कच्चे माल की खरीदारी के लिए रक़म उपलब्‍ध कराने के लिए सहमति जताई है।

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